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20 साल से सड़क का इंतजार, अब टूटा सब्र; गांव के बाहर लगा दिया ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का बैनर

सड़क और नाली निर्माण न होने से ग्रामीणों में आक्रोश, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार लगाई गुहार

20 साल से सड़क का इंतजार, अब टूटा सब्र; गांव के बाहर लगा दिया ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का बैनर

*सड़क और नाली निर्माण न होने से ग्रामीणों में आक्रोश, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार लगाई गुहार

अल्हागंज
क्षेत्र के ग्राम चम्पतपुर टिकुरा के ग्रामीण पिछले करीब 20 वर्षों से गांव में सड़क और नाली निर्माण की राह देख रहे हैं। लंबे समय से समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार शुक्रवार को जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के बाहर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का बैनर लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आवागमन के लिए समुचित सड़क न होने से उन्हें लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। रास्ते पर जलभराव और कीचड़ होने के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में दिक्कत होती है। नाली की व्यवस्था नहीं होने से घरों से निकलने वाला पानी भी रास्तों पर जमा हो जाता है।

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क और नाली निर्माण को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्या पर लगातार आश्वासन तो मिले, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका।

बीस वर्षों तक सड़क बनने का इंतजार करने के बाद ग्रामीणों ने अब विरोध का रास्ता अपनाया है। गांव के बाहर लगाए गए बैनर के माध्यम से ग्रामीणों ने साफ संदेश दिया है कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह आगामी चुनाव में अपने मताधिकार को लेकर भी निर्णय लेने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गांव की सड़क व नाली निर्माण की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए दो दशक तक इंतजार करना ग्रामीणों की परेशानी को बयां करता है। अब वह केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण का ठोस कार्य चाहते हैं।

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